पीढ़ी का दर्द - सुबोध श्रीवास्तव Peedhee Ka Dard - Hindi book by - Subodh Srivastava
लोगों की राय

भाषा एवं साहित्य >> पीढ़ी का दर्द

पीढ़ी का दर्द

सुबोध श्रीवास्तव


E-book On successful payment file download link will be available
प्रकाशक : भारतीय साहित्य संग्रह प्रकाशित वर्ष : 2016
पृष्ठ :118
मुखपृष्ठ : ईपुस्तक
पुस्तक क्रमांक : 9597
आईएसबीएन :9781613015865

Like this Hindi book 7 पाठकों को प्रिय

185 पाठक हैं

संग्रह की रचनाओं भीतर तक इतनी गहराई से स्पर्श करती हैं और पाठक बरबस ही आगे पढ़ता चला जाता है।


पीढ़ी का दर्द


मेरे पुरखों!
तुम्हारे
आदर्शों और सिद्धान्तों के
कवच को-
मैं, बेकार हो चुके
पुराने कपड़ों की तरह
उतार फेंकने को
मजबूर हूँ
क्योंकि-
ऐसा किए बिना
मैं,
अपने में समाहित
तुम्हारे अंश की
रक्षा नहीं कर सकता।

मेरी इस जुर्रत के लिए
भूलकर भी
शापित मत करना मुझे
वरना, चाहते हुए भी
मैं, नहीं कर पाऊँगा
तुम्हारी
गौरवमयी मर्यादा की रक्षा।

0 0 0

...पीछे | आगे....

<< पिछला पृष्ठ प्रथम पृष्ठ अगला पृष्ठ >>

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book