गायत्री प्रार्थना - श्रीराम शर्मा आचार्य Gayatri Prarthana - Hindi book by - Sriram Sharma Acharya
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गायत्री प्रार्थना

श्रीराम शर्मा आचार्य

प्रकाशक : युग निर्माण योजना गायत्री तपोभूमि प्रकाशित वर्ष : 2020
पृष्ठ :60
मुखपृष्ठ : ईपुस्तक
पुस्तक क्रमांक : 15489
आईएसबीएन :00000

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गायत्री प्रार्थना

॥ जयघोष 

गायत्री माता की - जय।

यज्ञ भगवान की - जय।

वेद भगवान की - जय।

सत्य सनातन धर्म की - जय।

भारतीय संस्कृति की - जय।

भारत माता की - जय।

परम पूज्य गुरुदेव की - जय।

वन्दनीया माताजी की - जय।


१- एक बनेंगे - नेक बनेंगे।

२- हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा।

३- हम बदलेंगे - युग बदलेगा।

४- विचार क्रांति अभियान - सफल हो, सफल हो, सफल हो।

५- हमारी युग निर्माण योजना - सफल हो,सफल हो, सफल हो।

६- हमारा युग निर्माण सत्संकल्प - पूर्ण हो, पूर्ण हो, पूर्ण हो।

७- ज्ञान यज्ञ की लाल मशाल - सदा जलेगी, नहीं बुझेगी।

८- ज्ञान यज्ञ की ज्योति जलाने - हम घर-घर में जाएँगे।

९- नया समाज बनाएँगे - नया जमाना लाएँगे।

१०- नया सबेरा, नया उजाला - इस धरती पर लाएँगे।

११- जन्म जहाँ पर-हमने पाया, अन्न जहाँ का-हमने खाया, वस्त्र जहाँ के-हमने पहने, ज्ञान जहाँ से-हमने पाया, वह है प्यारा-देश हमारा।

१२- देश की रक्षा कौन करेगा - हम करेंगे, हम करेंगे।

१३- धर्म की रक्षा कौन करेगा - हम करेंगे, हम करेंगे।

१४- युग निर्माण कैसे होगा - व्यक्ति के निर्माण से।

१५- माँ का मस्तक ऊँचा होगा - त्याग और बलिदान से।

१६- मानव मात्र - एक समान।

१७- नर और नारी - एक समान।

१८- जाति, धर्म सब - एक समान।

१९- गंदे चित्र लगाओ मत - माता को लजाओ मत।

२०- नारियो जागो - अपने को पहचानो।

२१- जागेगी भई जागेगी - नारी शक्ति जागेगी।

२२- अनाचार का अंत हो - दहेज प्रथा बंद हो।

२३- नित्य सूर्य का ध्यान करेंगे - अपनी प्रतिभा प्रखर करेंगे।

२४- सावधान - नया युग आ रहा है।

२५- इक्कीसवीं सदी - उज्ज्वल भविष्य।

२६- इक्कीसवीं सदी का आध्यात्मिक केन्द्र - शांतिकुंज हरिद्वार।

२७- धर्म की जय हो - अधर्म का नाश हो।

२८- प्राणियों में - सद्भावना हो।

२९- विश्व का - कल्याण हो।

३०- वन्दे-वेदमातरम्। वन्दे-देवमातरम्। वन्दे-विश्व मातरम् ।

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