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मूछोंवाली

मधुकांत

प्रकाशक : भारतीय साहित्य संग्रह प्रकाशित वर्ष : 2016
पृष्ठ :149
मुखपृष्ठ : ई-पुस्तक
पुस्तक क्रमांक : 9835
आईएसबीएन :9781613016039

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‘मूंछोंवाली’ में वर्तमान से तीन दशक पूर्व तथा दो दशक बाद के 50 वर्ष के कालखण्ड में महिलाओं में होने वाले परिवर्तन को प्रतिबिंबित करती हैं ये लघुकथाएं।

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लड़का-लड़की


लड़की छोटी, लड़का बड़ा। माँ ने लड़के को दाखिला दिलवाया प्राइवेट स्कूल में तथा लड़की को सरकारी स्कूल में। लड़की ने छात्रवृति प्राप्त की और लड़के ने ट्यूशन रखी। लड़की सिलाई-कढ़ाई करती, लड़का क्रिकेट खेलता। लड़की खाना बनाती-खिलाती, लड़का टी.वी देखता रहता।

लड़की बोर्ड की परीक्षा में प्रथम आयी, अखबार में फोटो छपा और लड़का मात्र उत्तीर्ण हो पाया। लड़की की प्रतिभा को देखकर प्रतिष्ठित कम्पनी ने उसको नौकरी पर बुला लिया परंतु लड़का नौकरी पाने के लिए घूमता रहा।

लड़की की शादी की बात चली। मेरी होनहार बेटी मुझसे दूर चली जाएगी। सोचकर पश्चाताप से माँ की आंखें भर आयीं। उसे अपने पास बुलाया और देर तक दुलारती रही।

 

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