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रविवार व्रत कथा
रविवार व्रत कथा
प्रकाशक :
भारतीय साहित्य संग्रह |
प्रकाशित वर्ष : 2014 |
पृष्ठ :9
मुखपृष्ठ :
ई-पुस्तक
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पुस्तक क्रमांक : 9842
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आईएसबीएन :9781613012352 |
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0
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रविवार व्रत की विधि, कथा एवं आरती
रविवार की आरती
ॐ जय कश्यप नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।
त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥
ॐ जय कश्यप नन्दन…
जय सप्त अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी।
दु:खहारी, सुखकारी, मानस मलहारी॥
ॐ जय कश्यप नन्दन…
जय सुर मुनि भूसुर वन्दित, विमल विभवशाली।
अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥
ॐ जय कश्यप नन्दन…
जय सकल सुकर्म प्रसविता, सविता शुभकारी।
विश्व विलोचन मोचन, भव-बंधन हारी॥
ॐ जय कश्यप नन्दन…
जय कमल समूह विकासक, नाशक त्रय तापा।
सेवत सहज हरत अति, मनसिज संतापा॥
ॐ जय कश्यप नन्दन…
जय नेत्र व्याधि हर सुरवर, भू-पीड़ा हारी।
वृष्टि विमोचन संतत, परहित व्रतधारी॥
ॐ जय कश्यप नन्दन…
जय सूर्यदेव करुणाकर, अब करुणा कीजै।
हर अज्ञान मोह सब, तत्वज्ञान दीजै॥
ॐ जय कश्यप नन्दन…
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पुस्तक का नाम
रविवार व्रत कथा
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