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गीले पंख
गीले पंख
प्रकाशक :
आत्माराम एण्ड सन्स |
प्रकाशित वर्ष : 1959 |
पृष्ठ :90
मुखपृष्ठ :
ईपुस्तक
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पुस्तक क्रमांक : 15462
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आईएसबीएन :0 |
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0
5 पाठक हैं
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श्री रामानन्द 'दोषी' के काव्य-संग्रह ‘गीले पंख' में 33 कविताएं हैं…
प्रकाशकीय
श्री रामानन्द 'दोषी' के काव्य-संग्रह 'गीले पंख' को पाठकों के हाथ में दूसरी बार सौंपते हुए हमें प्रसन्नता हो रही है। प्रकाशक के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम हर समय के प्रतिनिधि कवियों और उनके काव्यों से पाठकों को परिचित कराएँ। 'गीले पंख' के कवि श्री रामानन्द 'दोषी' में कई काव्य-धाराओं का जो सहज समन्वय जिस खूबी से है, वह हमारी सिफ़ारिश की अपेक्षा नहीं रखता। उसे आवश्यकता है केवल आपके स्नेह-सम्बल की।
प्रस्तुत पुस्तक में प्रत्येक कविता के साथ उसका भाव-चित्र भी दिया गया है जिससे पुस्तक के सौन्दर्य की अभिवृद्धि हुई है। यह निर्विवाद सत्य है कि चित्रों से पुस्तक में एक नवीन आकर्षण उत्पन्न हो जाता है। इसलिये अपने अनुभव के आधार पर इतना हम निस्संकोच कह सकते हैं कि पाठक कवि की लेखनी के साथ चित्रकार की तूलिका के इस गठबन्धन का स्वागत करेंगे।
आशा है जिस समादर की यह पुस्तक अधिकारिणी है, वह इसे प्राप्त होगा।
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